मुखबिर नीति

मुखबिर नीति

लोक अधिकार प्रकटीकरण तथा मुखबिर कि सुरक्षा पर भारत सरकार के प्रस्ताव को सभी कर्मचारियों कि जानकारी में लाया गया| सरकारी प्रस्ताव के मुख्य विशेषताओ को अपना लिया गया तथा निम्नलिखित मुखबिर नीति को आईआईएफसीएल के लिए सूत्रित किया गया|

  • केंद्रीय सतर्कता आयोग (सी.वी.सी) कार्यालय के अनुपयोग या किसी दोष या भ्रष्टाचार के प्रकटीकरण के लिए लिखित शिकायत प्राप्त करने की अधिकृत निर्दिष्ट संस्था है|
  • आयोग फरियादी की पहचान को गुप्त रखेगा |
  • शिकायत बंद/सुरक्षित लिफाफे में होनी चाहिए|
  • लिफाफे को सचिव, सी.वी.सी के पते पर भेजना चाहिए तथा उसके ऊपर लोक अधिकार प्रकटीकरण के अंतर्गत शिकायत लिखा होना चाहिए| यदि लिफाफे के ऊपर लिखा हुआ नहीं या वह बंद नहीं है, तब आयोग के लिए शिकायतकर्ता की सुरक्षा करना संभव नहीं होगा और शिकायत के साथ आयोग की साधारण शिकायत नीति जैसा व्यवहार किया जायेगा| शिकायतकर्ता को शिकायत के अंत या आरम्भ में या एक संलग्न पत्र में अपना नाम तथा पता देना चाहिए|
  • आयोग बेनाम/झूठे शिकायतों पर विचार नहीं करेगा |
  • शिकायत के अक्षरों को ध्यानपूर्वक लिखा जाना चाहिए जिससे की उसमे किसी की पहचान का विवरण नहीं हो| हालाँकि, शिकायत का विवरण विशिष्ट तथा प्रमाणित करने योग्य होना चाहिए|
  • व्यक्ति की पहचान को सुरक्षित रखने के लिए, आयोग कोई अभिस्वीकृति नहीं जारी करेगा तथा मुखबिरों को उनके हित में यह सलाह दी जाती है की वे आयोग से आगे की लिखा पढ़ी ना करें| आयोग यह सुनिश्चित करेगा की परिस्थिति की वास्तविकता के विषय की जांच की जाने पर; आवश्यक कदम उठाएगी, जैसा की भारत सरकार प्रस्ताव में दिया गया है
  • आयोग बेनाम/झूठे शिकायत दर्ज करने वाले शिकायतकर्ताओं के विरुद्ध कार्रवाई भी कर सकता है| उपरोक्त शिकायत लेखा-पत्र के अतिरिक्त, आईआईएफसीएल कर्मचारी, ऋण ग्राही या व्यक्तियों के पास को निम्नलिखित अधिकार प्राप्त है यदि उनके पास किसी भी विषय पर कोई भी सूचना हो जो संगठन के हित में हानिकारक हो सकती है:

क इस सन्दर्भ में वे आईआईएफसीएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक  या मुख्य सतर्कता अधिकारी के पास जा सकते हैं|

ख उनके पास लेखा-परीक्षा समिति तक अभिगाम्यिती का अधिकार है|

ग कर्मचारी की पहचान गुप्त रखी जाएगी|

घ उपरोक्त सी.वी.सी परिपत्रक में विहित क्र.सं में विधि का पालन करना आवश्यक है| ऐसे कर्मचारी/व्यक्ति को अनुचित बर्ताव तथा अन्य नुक्सानदेह रोजगार अभ्यासों से सुरक्षा दी जाएगी, यदि शिकायत गलत है या अभिप्रेरित/खिजाऊ है| इस नीति का उद्देश्य ईमानदार तथा सरल व्यक्तियों को संगठन को अपनी क्रियाओं में पूर्ण पारदर्शिता लाना तथा अनाचार पर नजर रखना है|