सीएसआर

कार्पोरेट सामाजिक उत्‍तरदायित्‍व

आईआईएफसीएल एक जिम्‍मेदार कंपनी बनने के लिए प्रतिबद्घ है एवं अपने कार्पोरेट सामाजिक उत्‍तरदायित्‍व (सीएसआर) के माध्‍यम से समाज व पर्यावरण के प्रति सकारात्‍मक योगदान कर रही है। कंपनी अधिनियम, 2013 के उपबंधों के अनुसार आईआईएफसीएल ने कार्पोरेट सामाजिक उत्‍तरदायित्‍व (सीएसआर) नीति बनाई है जो निदेशक मंडल द्वारा विधिवत अनुमोदित है एवं सतत आर्थिक विकास के सिद्धांत  से जुड़ी हुई है।

हमारे सीएसआर कार्यक्रम का लक्ष्‍य स्‍थायित्‍व की समस्‍याओं का निवारण करना है जो सबसे अधिक प्रासंगिक हैं एवं सबसे बड़ा प्रभाव डाल सकते हैं। हमने अपने सीएसआर कार्यक्रम को देश भर में व्‍यापकता प्रदान करने के लिए सरकारी विभाग, गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) एवं निजी कंपनी सहित विभिन्‍न संगठनों के साथ भागीदारी की है।

आईआईएफसीएल की कार्पोरेट सामाजिक उत्‍तरदायित्‍व (सीएसआर) के तहत कार्यान्वित परियोजनाओं से देश के पिछड़े इलाकों में रहने वाले लगभग 77,500 लोग (जिसमें से 41,184 विद्यालय जाने वाले बच्‍चे हैं) लाभान्वित हुए हैं। वर्तमान में आईआईएफसीएल ने अपने सीएसआर के माध्‍यम से भारत के 24 राज्‍यों में पहुंच बनाई है एवं शेष राज्‍यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में अपनी पहुंच बनाने के लिए कटिबद्ध है।

अपनी सीएसआर पहलों के तहत आईआईएफसीएल का ध्‍यान विद्यालयों एवं घरों में स्‍वच्‍छता, सौर ऊर्जा संचालित गृह प्रकाश व सड़क प्रकाश प्रणाली, कौशल विकास एवं बेराजगार युवाओं की रोजगार क्षमता में सुधार लाने, राष्‍ट्रीय विरासतों का संरक्षण करने, गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले कैंसर रोगियों को वित्‍तीय सहायता प्रदान करने एवं खेलकूद को बढ़ावा देने पर केंद्रित है।

आईआईएफसीएल ने स्‍वच्‍छ भारत कोष, स्‍वच्‍छ गंगा निधि, स्‍वच्‍छ विद्यालय अभियान, में भी अंशदान दिया है जिसे मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार एवं वित्‍त मंत्रालय, भारत सरकार से  सराहना भी मिली।

आईआईएफसीएल को  खेलों को बढ़ावा देने के अपने सीएसआर योगदान के लिए महामहिम राष्ट्रपति, भारत द्वारा "राष्ट्रीय खेल प्रोत्साहन पुरस्कार 2016" से सम्मानित किया गया जो कारपोरेट सामाजिक उत्‍तरदायित्व के माध्यम से खेलों को बढ़ावा देने वाला सर्वोच्‍च राष्‍ट्रीय पुरस्‍कार है।