परिवर्तीत टेकआउट वित्तीय योजना

 

व्‍यावहारिक बुनियादी ढांचे की परियोजनाओं के वित्‍तपोषण हेतु टेकआउट वित्‍त योजना  

भूमिका                                                                                                       

वर्ष 2009-10 के केंद्रीय बजट भाषण में माननीय केंद्रीय वित्‍त मंत्री ने कहा बुनियादी ढांचे में सार्वजनिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए हमने बुनियादी ढांचे की परियोजनाओं को दीर्घकालिक वित्‍तीय सहायता उपलब्‍ध कराने के उद्देश्‍य से विशेष प्रयोजन माध्‍यम के तौर पर इंडिया इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर फाइनेंस कंपनी लि. (आईआईएफसीएल) की स्‍थापना की। हम सुनिश्चित करेंगे कि आईआईएफसीएल अधिक से अधिक नम्‍यता के साथ तेजी से अपना अधिदेश पूरा करे। टेकआउट वित्‍तपोषण बुनियादी ढांचे की परियोजनाओं के वित्‍तपोषण हेतु दीर्घकालिक निधियां जारी करने की एक स्‍वीकृत अंतरराष्‍ट्रीय प्रथा है। इसे बुनियादी ढांचे की परियोजनाओं के वित्‍तपोषण से उठे वाणिज्यिक बैंकों के आस्ति-देयता असंतुलन के प्रभावी समाधान में इस्‍तेमाल किया जा सकता है एवं नई परियोजनाओं के वित्‍तपोषण के लिए मुक्‍त पूंजी के लिए भी किया जा सकता है। आईआईएफसीएल बैंकों से परामर्श करके टेकआउट वित्‍त्‍पोषण येाजना विकसित करेगा जो बुनियादी ढांचा क्षेत्र को वृद्धिशील ऋण की सुविधा प्रदान कर सके। कार्रवाई का अनुपालन करते हुए आईआईएफसीएल ने प्रमुख पणधारकों के साथ परामर्शी प्रक्रिया शुरू की एवं टेकआउट वित्‍त योजनातैयार की। अधिकारप्राप्‍त समिति ने 1 दिसंबर, 2011 को आयोजित अपनी 15वीं बैठक, 18 सितंबर, 2013 को आयोजित 17वीं बैठक, 18 जून, 2014 को आयोजित 18वीं बैठक एवं 27 जनवरी, 2015 को आयोजित 19वीं बैठक में टेकआउट वित्‍त योजना के कुछ विशेषताएं संशोधित कीं। संशोधित टेकआउट वित्‍त योजना का नीचे विस्‍तार से उल्‍लेख किया गया है।

संक्षिप्‍त नाम एवं विस्‍तार

2.1. इस योजना को व्‍यावहारिक बुनियादी ढांचे की परियोजनाओं के वित्‍त पोषण हेतु टेकआउट वित्‍त योजना कहा जाएगा।

2.2. यह टेकआउट वित्‍त योजना 16 अप्रैल, 2010 से प्रभावी होगी।

टेकआउट वित्‍त योजना के उद्देश्‍य

3.1.  बुनियादी ढांचे की परियोजनाओं वित्‍त्‍पोषण के लिए दीर्घकालिक ऋण की उपलब्‍धता को बढ़ावा देना।

3.2. क्षेत्रवार/समूह/संस्‍था के निवेश के मुद्दों एवं ऋणदाताओं की आस्ति-देयता असंतुलन की चिंताओं का समाधान करना जो बुनियादी ढांचे की परियोजनाओं को ऋण का वित्‍तपोषण प्रदान कर रहे हैं।

3.3. नये संस्‍थाओं यानि मध्‍यम/लघु आकार के बैंक, बीमा कंपनियों एवं पेंशन निधियों की सहभागिता की सुविधा प्रदान करते हुए बुनियादी ढांचे की परियोजनाओं के लिए वित्‍तपोषण के स्रोत का विस्‍तार करना।

 

परिभाषाएं

इस योजना में जब तक संदर्भ में अन्‍यथा अपेक्षित न हो:

·         उधारकर्ता से वह कानूनी संस्‍था अभ्रिपेत है जो बुनियादी ढांचे की परियोजना का कार्यान्‍वयन कर रही है जिसके लिए टेकआउट वित्‍त येाजना के तहत आईआईएफसीएल द्वारा सहायता दी जानी है।

·         सामान्‍य ऋण करार  से ऋणदाता एवं उधारकर्ता के बीच हस्‍ताक्षरित करार अभिप्रेत है।

·         प्रभावी तिथि  से 16 अप्रैल, 2010 अभिप्रेत है।

·         आईआईएफसीएल से इंडिया इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर फाइनेंस कंपनी लि. (कंपनी अधिनियम, 1956 के अधीन निगमित कंपनी) अभिप्रेत है।

·         ऋणदाता से बीमा कंपनियों के सिवाय कोई भी अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक अथवा अन्‍य भाग लेने वाली संस्‍था (यें) जिसने उधारकर्ता को सामान्य ऋण करार के तहत ऋण प्रदान किया है, अभ्रिपेत है। शंकाओं  के निवारणार्थ उधारकर्ता के प्रवर्तक (कों) अथवा प्रवर्तक (कों) से संबंद्ध कंपनियां उधारकर्ता के ऐसे प्रवर्तक (कों) एवं/अथवा अपनी संबद्ध कोई कंपनियों द्वारा प्रदान  किये गये किसी ऋण के वित्‍तपोषण के लिए ऋणदाता तैयार नहीं करेंगे।  

·         परियोजना दल से किसी बुनियादी ढांचे की परियोजना के लिए परियोजना का अनुबंध अथवा रियायती करार की अवधि अभिप्रेत है।

·         टेकआउट शुरू होने की निश्चित  तिथि से वह तिथि अभिप्रेत है जब टेकआउट करार की शर्तों के अनुसार शुरू होना निश्चित किया गया है।

·         सिफ्टी से इंडिया इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर फाइनेंस कंपनी लि. (आईआईएफसीएल) नामक विशेष प्रयोजन माध्‍यम से व्‍यावहारिक बुनियादी ढांचे की परियोजना के वित्‍तपोषण हेतु योजना एवं आईआईएफसीएल द्वारा क्रियान्वित योजना अभिप्रेत है।

·         टेकआउट करार/करार से टेकआउट फाइनेंस योजना के प्रावधानों के अनुसार आईआईएफसीएल, अभिज्ञात ऋणदाता(ओं) एवं उधारकर्ता द्वारा संपन्‍न किया गया करार अभिप्रेत है।

·         टेकआउट राशि से टेकआउट करार के अनुसार टेकआउट शुरू होने की निश्चित तिथि से आईआईएफसीएल द्वारा शुरू किए गये सहमत अवशिष्‍ट ऋण की कुल राशि अभिप्रेत है।

·         इस टेकआउट योजना में जब तक कि संदर्भ में अन्‍यथा अपेक्षित न हो, प्रयुक्‍त सभी बडे़ अक्षरों के शब्‍द एवं जो यहां परिभाषित नहीं हैं, का वही अर्थ होगा जो सिफ्टी (इंडिया इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर फाइनेंस कंपनी लि. (आईआईएफसीएल) नामक विशेष प्रयोजन माध्‍यम से व्‍यावहारिक बुनियादी ढांचे की परियोजना के वित्‍तपोषण हेतु योजना एवं आईआईएफसीएल द्वारा क्रियान्वित योजना) निर्दिष्‍ट करे।

पात्रता
5.1. 
योजना उधारकर्ताओं को प्रदान की जाएगी एवं आईआईएफसीएल उधारकर्ता (ओं) अथवा ऋणदाता (ओं) दोनों से प्रस्‍ताव प्राप्‍त ले सकता है।

5.2.  योजना हेतु पात्रता होने के क्रम में  बुनियादी ढांचे की परियोजनाओं में निम्‍नलिखित शर्तें पूरी की जानी अत्‍यंत आवश्‍यक है:

1.  बुनियादी ढांचे की परियोजनाएं निम्‍नलिखित क्षेत्र (त्रों) से होनी चाहिए यथा सिफ्टी के खंड 5.2 (ग) में परिभाषित है जिसे वर्तमान में निम्‍नलिखित के तौर पर व्‍याख्‍या की गई है:  

ये परियोजना निम्‍नलिखित क्षेत्रों में से एक हो सकती है:

क्र.सं.

वर्ग

बुनियादी ढांचा संबंधी उप-क्षेत्र

1

परिवहन

सड़क एवं पुल

बंदरगाह1

अंतरदेशीय जल मार्ग

हवाई अड्डा

रेल मार्ग, सुरंग, पुलिया (वाइडक्‍ट) , पुल2  शहरी सार्वंजनिक परिवहन (शहरी सड़क परिवहन के मामले में रोलिंग स्‍टॉक को छोड़कर)    

 

2

ऊर्जा

बिजली का उत्‍पादन

बिजली का पारेषण

बिजली का वितरण

तेल की पाइप लाइनें

तेल/गैस/द्रवीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) भंडारण सुविधा3

गैस की पाइप लाइनें 4

3

जल संबंधी स्‍वच्‍छता

ठोस कचरा प्रबंधन

जल आपूर्ति की पाइप लाइनें

जल प्रशोधन संयत्र

मल-जल संग्रहण, प्रशोधन एवं निस्‍तारण प्रणाली

सिंचाई (बांध, नहर, तटबंध इत्‍यादि)

वर्षा जल निकास प्रणाली

मल-जल की पाइप लाइनें

4

संचार

दूरसंचार (स्‍थाई नेटवर्क) 5

दूरसंचार के टॉवर

दूरसंचार एवं दूरसंचार सेवाएं

5

सामाजिक एवं वाणिज्यिक आधारिक संरचना

शिक्षण संस्‍थाएं (पूंजीगत स्‍टॉक)

चिकित्‍सालय (पूंजीगत स्‍टॉक) 6

एक मीलियन की जनसंख्‍या वाले शहरों के बाहरी इलाके में अवस्थित तीन तारा अथवा उच्‍च श्रेणी के वर्गीकृत होटल

औद्योगिक पार्क, विशेष आर्थिक जोन (एसईजेड), पर्यटन सुविधाएं एवं कृषि बाजार हेतु सामान्‍य बुनियादी ढांचा

उवर्रक (पूंजीगत निवेश)#

शीतगृह सहित कृषि एवं बागवानी उपज हेतु फसल बाद भंडारण संबंधी बुनियादी ढांचा

भारत में किसी भी जगह में 200 करोड़ रूपये से अधिक  की परियोजना लागत वाले एवं किसी भी रेटिंग के होटल8

टर्मिनल बाजार

मृदा परीक्षण एवं प्रयोगशालाएं:

कोल्‍ड चैन 7

300 करोड़ रूपये से अधिक की परियोजना लागत वाले सम्‍मेलन केंद्र8

# 26 नवंबर, 2015 से प्रभावी, उवर्रक (पूंजीगत निवेश) आईआईएफसीएल द्वारा वित्‍तपोषण के उप क्षेत्र हेतु पात्र नहीं है।

 

टिप्‍पण

1.       पूंजीगत तलकर्षण सहित 

2.       माल चढा़ने/उतारने के लिए टर्मिनल, स्‍टेशन एवं भवन जैसे सपोर्टिंग टर्मिनल ढांचा सहित

3.       कच्‍चे तेल का रणनीतिक भंडार सहित

4.       नगर गैस वितरण नेटवर्क सहित

5.       ऑप्टिक फाइबर/केबल नेटवर्क सहित जिसमें ब्राडबैंड/इंटरनेट उपलब्‍ध होता है।

6.       मेडिकल कॉलेज, परा मेडिकल कॉलेज एवं निदान केंद्र। 

7.       कृषि क्षेत्र स्‍तर पर प्री कूलिंग, कृषि एवं उससे संबंधित उत्‍पाद,  समुद्री उत्‍पाद एवं मांस के लिए ठंडा कमरे सहित।

8.       29.11.2013 से संभावित प्रभाव से लागू: 3 वर्षों की अवधि हेतु पात्र परियोजनाओं के उल उपलब्‍ध: भूमि एवं पट्टे की लागत को छोड़कर पात्र लागत लेकिन निर्माण के दौरान ब्‍याज सहित।

 

क्षेत्रों की उपरोक्‍त सूची सिफ्टी के खंड 5.3 (ग) एवं उसके बाद के संशोधनों यदि कोई हो, को ध्‍यान में रखकर बनाई जाएगी।,  

2. वित्‍तीय समापन प्राप्‍त करने वाली एवं कम से कम 6 वर्षों के अवशिष्‍ट ऋण अवधि युक्‍त बुनियादी ढाचें की परियोजनाएं।  

3. वे परियोजनाएं जहां अनंतिम सीओडी घोषित किया गया है।

टेकआउट वित्‍तपोषण की सीमा

6.1. आईआईएफसीएल वैयक्तिक ऋणदाता (ओं) को टेकआउट शुरू होने की निश्चित तिथि को ऋण की अवशिष्‍ट राशि के 100 प्रतिशित की सीमा तक टेकआउट वित्‍त प्रदान करेगा। अग्र‍णी बैंक के मामले में आईआईएफसीएल ऋण की अवशिष्‍ट राशि के 75 प्रतिशत की सीमा तक टेकआउट वित्‍त प्रदान करेगा। हालांकि कुल टेकआउट राशि टेकआउट शुरू होने की निश्चित तिथि को बुनियादी ढांचे की परियोजना के कुल अवशिष्‍ट ऋण के 51 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकती है।1

टेकआउट करार एवं इसका समय निर्धारण

7.1.  आईआईएफसीएल, अभिज्ञात ऋणदाता(ओं) एवं उधारकर्ता त्रिपक्षीय करार यानि टेकआउट वित्‍त येाजना के अनुरूप टेकआउट करार संपन्‍न करेंगे।

7.2. उन परियोजनाओं के लिए जहां वित्‍तीय समापन अभी संपन्‍न किया जाना है, आईआईएफसीएल परियोजना के वित्‍तीय समापन के समय पर टेकआउट करार संपन्‍न करेगा। ऐसा करार परियोजना के सामान्‍य ऋण करार के साथ हस्‍ताक्षरित किया जाएगा।

7.3.  वे परियोजनाएं जहां वित्‍तीय समापन संपन्‍न कर लिया गया है  एवं जो कम से कम 6 वर्षों के अवशिष्‍ट ऋण की अवधि से युक्‍त है तो आईआईएफसीएल तब टेकआउट करार संपन्‍न करेगा जब प्रासंगिक उधारकर्ता एवं ऋणदाता(ओं) प्रभावी तिथि को अथवा उसके बाद किसी समय आईआईएफसीएल से संपर्क करेगा।

7.4. आईआईएफसीएल पूर्व बोली चरण में पीपीपीएसी/ईसी/ईआई द्वारा अनुमोदित जन निजी भागीदारी (पीपीपी) की बुनियादी ढांचे की परियोजनाओं में टेकआउट के सैद्धांतिकअनुमोदन पर विचार कर सकता है जो टेकआउट वित्‍त योजना के प्रावधानों के अनुरूप शर्तों के अधीन होगा।

टेकआउट वित्‍तपोषण की अवधि

8.1.  टेकआउट का संवितरण आमतौर पर पीपीपी आधारित सड़क परियोजनाएं (वार्षिक आधार पर), पीपीपी विद्युत पारेषण परियोजनाएं (पीपीपीएसी/ईसी/ईआई द्वारा अनुमोदित) एवं ऐसे अन्‍य क्ष्‍ेात्र जो अधिकारप्राप्‍त समिति द्वारा अनुमोदित हो, जहां टेकआउट सीओडी अथवा अनंतिम सीओडी के तुरंत बाद किया जा सकता है, के सिवाय वास्‍तविक वाणिज्यिक प्रचालन तिथि (सीओडी) अथवा अनंतिम सीओडी के एक वर्ष के पश्‍चात किया जाएगा।  हालांकि सभी मामलों में सीओडी अथवा अनंतिम सीओडी के तुरंत बाद टेकआउट के लिए विचार करने से पूर्व ऋण शोधन की क्षमता का आंकलन किया जाना चाहिए।

8.2.  आईआईएफसीएल के पास टेकआउट राशि की अवधि परियोजना की उपयोगिता काल के 85 प्रतिशत से अधिक न हो। पीपीपीएसी/ईसी/ईआई द्वारा अनुमोदित पीपीपी परियोजनाओं के मामले में जहां समापन पर प्राधिकरण द्वारा अनिवार्य वापसी क्रय नीति (बाईबैक) का प्रावधान है, आईआईएफसीएल अन्‍य ऋणदाताओं को राशि चुकाने के पश्‍चात एकमात्र ऋणदाता रह सकता है।

8.3. गैर पीपीपी बिजली उत्‍पादन परियोजनाओं के मामले में जहां इसकी क्षमता की अधिकता हेतु राज्‍य उपादेयताओं के साथ दीर्घकालिक बिजली क्रय करार है, आईआईएफसीएल अन्‍य ऋणदाताओं को राशि चुकाने के पश्‍चात एकमात्र ऋणदाता रह सकता है; हालांकि आईआईएफसीएल टेकआउट की अवधि परियोजना की उपयोगिता काल के 85 प्रतिशत से अधिक न हो। ऐसी गैर पीपीपी परियोजनाओं के मामले में जहां आईआईएफसीएल मौजूदा ऋणदाताओं की अवधि की तुलना में लंबी अवधि के टेकआउट पेश करता है, आईआईएफसीएल का जोखिम धारक कंपनी से गारंटी मांगने अथवा अवलंब के किसी अन्‍य स्‍वरूप में कवर होगा।

 

ब्‍याज दर

9.1.  टेकआउट शुरू होने की निश्चित तिथि को आईआईएफसीएल द्वारा लिए गये ऋण हेतु ब्‍याज दर, सीओडी के पश्‍चात दो प्रतिष्ठित रेटिंग एजेंसियों के ऋण जोखिम रेटिंग के आधार पर होगा एवं जो आधार दर जमा (+) जोखिम प्रीमियम के माध्‍यम से परिलक्षित होता है। उक्‍त हेतु विस्‍तृत दिशानिर्देंश इस दस्‍तावेज के अनुलग्‍नक में प्रदान किया गया है।

टेकआउट शुल्‍क

10.1.  टेकआउट वित्‍त येाजना के तहत आईआईएफसीएल से टेकआउट वित्‍त प्राप्‍त करने वाले उधारकर्ता आईआईएफसीएल को 30 प्रतिशत का टेकआउट शुल्‍क (लिये गये ऋण की ब्‍याज दर* राशि में अंतर) अदा करेगा जो आईआईएफसीएल द्वारा ऋणदाता (ओं) को आगे बढ़ाया जाएगा।

10.2 हालांकि टेकआउट शुल्‍क ऐसे मामलों में देय नहीं होगा जहां उधारकर्ताओं को पूर्व भुर्गतान शुल्‍क/प्रभार प्रेषित करना आवश्यक है एवं उधारकर्ता या तो पूर्व भुगतान शुल्‍क/प्रभार प्रेषित कर सकता है अथवा टेकआउट शुल्‍क प्रेषित कर सकता है।

मूल्‍यांकन एवं निगरानी एवं वसूली

11.1.  टेकआउट करार आईआईएफसीएल द्वारा हस्‍ताक्षरित किया जाएगा जो प्रतिष्ठित मूल्‍यांकर्ता संस्‍थान द्वारा किए गये की पूर्ति करता हो एवं उक्‍त अग्रणी बैंक द्वारा स्‍वीकार एवं अपनाया जा रहा हो, एवं अपने स्‍वयं के सम्‍यक उद्यम के अधीन होगा।

11.2.  आईआईएफसीएल सहमत करार एवं कार्य निष्‍पादन स्‍तर के साथ परियोजना के अनुपालन का समय-समय पर मूल्‍यांकन करेगा।

11.3.  अग्रणी बैंक/ ऋणदाता संघ के साथ आईआईएफसीएल सहमत करार एवं कार्य निष्‍पादन स्‍तर के साथ परियोजना के अनुपालन की नियमित निगरानी एवं आवधिक मूल्‍यांकन के लिए उत्‍तरदायी होगा। अग्रणी बैंक/ऋणदाता ऐसे स्‍वरूप में एवं ऐसे समय पर  आवधिक प्रगति रिपोर्ट भेजेगा जो आईआईएफसीएल निर्धारित करे।

टेकआउट वित्‍त योजना की अन्‍य विशेषताएं

·         बुनियादी ढांचे की परियेाजनाओं के लिए, टेकआउट वित्‍त योजना हेतु पात्र लेकिन प्रभावी तिथि को वित्‍तीय समापन प्राप्‍त करना बाकी है, आईआईएफसीएल ऋणदाताओं के साथ सिफ्टी के तहत कुछ प्रत्‍यक्ष निवेश भी कर सकता है।

·         टेकआउट वित्‍तपोषण के मामले में प्रत्‍यक्ष ऋण सहित आईआईएफसीएल का कुल निवेश कुल परियोजना लागत के 30 प्रतिशत से अधिक नहीं होगा जो लागू विनियामक मानदंडों के अधीन होगा।

·         टेकआउट करार संपन्‍न करने के पश्‍चात यदि आईआईएफसीएल के संज्ञान में उधारकर्ता द्वारा की गई कोई धोखाधड़ी अथवा जालसाजी सामने आती है तो टेकआउट करार समाप्‍त हो जाएगा।

·         टेकआउट शुरू करने की निश्चित तिथि को टेकआउट केवल उन ऋणों के संबंध में ही निष्‍पादित किया जाएगा जो टेकआउट करार पर हस्‍ताक्षर करने वाले ऋणदाताओं की बही में मानक आस्तियों के तौर पर वर्गीकृत हैं।

·         टेकआउट शुरू करने की निश्चित तिथि को टेकआउट तभी निष्‍पादित किया जाएगा यदि ऋणदाताओं के मामले में परियोजना का ऋण सेवा कवरेज अनुपात एक जैसा है एवं कोई मामला 1.0 से कम न हो।

·         टेकआउट शुरू होने के समय पर टेकआउट वित्‍त योजना के प्रावधानों के अधीन टेकआउट करार संपन्‍न करने वाले ऋणदाता(ओं) एवं आईआईएफसीएल का यह दायित्‍व होगा कि वे टेकआउट वित्‍त योजना बिना किसी विरोध प्रदर्शन, प्रतिद्वंदता अथवा आपत्ति के लागू करे।

·         टेकआउट शुरू होने से पूर्व अथवा बाद किसी भी समय पर उधारकर्ता के पास सामान्‍य ऋण करार एवं टेकआउट करार के प्रासंगिक प्रावधानों के अनुसार ऋण चुकाने का विकल्‍प होगा।

·         टेकआउट करार संपन्‍न करने के पश्‍चात लेकिन ऋण लेने से पूर्व यदि ऋणदाता ऋण की शर्तों यानि ऋण की पुनर्रचना अथवा संबंधित मामलों में कोई बदलाव का प्रस्‍ताव करता है तो आईआईएफसीएल को ऋणदाताओं की अंतर- ऋणदाता करार के अनुसार आयोजित होने वाली प्रासंगिक बैठक ममें भाग लेने के आमंत्रित किया जाएगा एवं टेकआउट करार की मूल भावना को ध्‍यान में रखते हुए ऋणदाताओं को आईआईएफसीएल के विचार भी ध्‍यान में रखने होंगे। यदि आईआईएफसीएल ऋणों की पुनर्रचना करने के लिए सहमत नहीं है तो आईआईएफसीएल के पास टेकआउट करार से बाहर निकलने का विकल्‍प होगा।

·         ऋण लिये जाने के पश्‍चात आईआईएफसीएल अंतर-ऋणदाता करार का पक्ष बन जाएगा।

·         आईआईएफसीएल के पास परियोजना की जमीनी वास्‍तविकताओं एवं नकदी प्रवाह के अनुरूप  लिए गये ऋणों की पुनर्रचना करने का विकल्‍प होगा। ऐसी पुनर्रचना में परियोजना में ऋण वित्‍तपोषण की सीमा बढाना शामिल हो सकता है। हालांकि किसी ऐसे विकल्‍प का प्रयोग अंतर ऋणदाता करार के प्रावधानों के अनुसार किया जाएगा।

·         परियोजना में किसी लागत वृद्धि के कारण निधि के लिए जुटाई गये ऋण की कोई राशि तभी कवर होगी यदि उक्‍त पर ऋणदाताओं की सहमति हो।

·         एक बार जब टेकआउट, टेकआउट करार के अनुरूप प्रभावी हो जाता है तो परियोजना की आस्तियों में आईआईएफसीएल सुरक्षा ब्‍याज एवं नकदी प्रवाह  ऋणदाता(ओं) द्वारा प्रदान किए गये अधिमानी कर्ज के साथ सममात्रा की श्रेणी में आएंगे।

·         स्‍टांप ड्यूटी सहित कानूनी लागत  उधारकर्ता वहन करेंगे जिन्‍होंने टेकआउट वित्‍त योजना का लाभ उठाया है।

 


अनुलग्‍नक

टेकआउट शुरू करने की निश्चित तिथि को आईआईएफसीएल द्वारा  लिये गये ऋण की ब्‍याज दर परियोजना के संशोधित जोखिम प्रोफाइल के आधार पर कमी आने पर निर्भर है जैसा कि भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा अनुमोदित निम्‍नलिखित तालिकानुसार ऋण रेटिंग एजेंसी की वैध ऋण रेटिंग में स्‍पष्‍ट है:

 

 

क्र.सं.

एसपीवी/कंपनी की बाहरी रेटिंग

पीपीपी (वार्षिकी आधारित सड़क परियोजनाएं)

सार्वजनिक क्षेत्र (शुल्‍क आधारित) की परियोजनाएं 

पीपीपी (टोल/शुल्‍क आधारित) परियोजनाएं

गैर पीपीपी परियोजनाएं

कोयला आधारित  परियोजनाएं (पीपीपी/सार्वजनिक क्षेत्र)

कोयला आधारित परियोजनाएं (गैर पीपीपी)

1

एएए (बाहरी रेटिंग) अथवा ग्रेड 1 (आंतरिक रेटिंग)

बीआर   + 25 बीपीएस (9.95%)

बीआर   + 35 bps (10.05%)

बीआर   + 45 बीपीएस (10.15%)

बीआर   + 55 बीपीएस (10.25%)

बीआर   + 65 बीपीएस (10.35%)

बीआर   + 75 बीपीएस (10.45%)

2

एए (बाहरी रेटिंग) अथवा ग्रेड 2 (आंतरिक रेटिंग)

बीआर   + 40 बीपीएस (10.10%)

बीआर   + 50 बीपीएस (10.20%)

बीआर   + 60 बीपीएस (10.30%)

बीआर   + 70 बीपीएस (10.40%)

बीआर   + 80 बीपीएस (10.50%)

बीआर   + 90 बीपीएस (10.60%)

3

ए (बाहरी रेटिंग) अथवा ग्रेड 3 (आंतरिक रेटिंग)

बीआर  + 60 बीपीएस (10.30%)

बीआर   + 70 बीपीएस (10.40%)

बीआर   + 80 बीपीएस (10.50%)

बीआर   + 90 बीपीएस (10.60%)

बीआर   + 100 बीपीएस (10.70%)

बीआर   + 110 बीपीएस (10.80%)

4

बीबीबी (बाहरी रेटिंग) अथवा ग्रेड 4 (आंतरिक रेटिंग)

बीआर  + 80 बीपीएस (10.50%)

बीआर   + 90 बीपीएस (10.60%)

बीआर   + 100 बीपीएस (10.70%)

बीआर   + 110 bps (10.80%)

बीआर   + 120 बीपीएस (10.90%)

बीआर   + 130 बीपीएस (11.00%)

5

बीबी (बाहरी रेटिंग) अथवा ग्रेड 5 (आंतरिक रेटिंग)

बीआर  + 100 बीपीएस (10.70%)

बीआर   + 110 बीपीएस (10.80%)

बीआर   + 120 बीपीएस (10.90%)

बीआर   + 130 बीपीएस (11.00%)

बीआर   + 140 बीपीएस (11.10%)

बीआर   + 150 बीपीएस (11.20%)

* बीआर मानदंड दर वर्तमान में 9.30 प्रतिशत प्रतिवर्ष

‘*रेटिंग श्रेणी से जुडे़ ‘+’ (जमा) अथवा ‘-‘ (घटाना) चिन्‍हों का अनुप्रयोग का वही जोखिम भार होगा जो मानदंडों में निर्धारित है।

** शुल्‍क आधारित परियोजनाएं वे परियोजनाएं हैं जहां परियोजनाएं बोली प्रक्रिया के माध्‍यम से प्रदान की गई हैं एवं विनियमित दर-सूची के माध्‍यम से एकत्रित की गयी हैं।

‘**दरें समय-समय पर आईआईएफसीएल की आंतरिक जोखिम नीति के अनुरूप निर्धारित की जाएंगी। ब्‍याज दर उधारकर्ता के विकल्‍प पर स्थिर/अस्थिर होगा।

 

वार्षिक समीक्षा के समय पर यदि खाते को वृद्धि की ओर मूल्‍यांकित किया जाता है तो दर का लाभ उधारकर्ता को जाएगा। गिरती रेटिंग की दशा में उधारकर्ता(ओं) को उच्‍च ब्‍याज दर का भुगतान करना होगा। 

ब्‍याज दर की क्षेत्र-वार समीक्षा की जाएगी जो बाजार की गतिशीलता पर निर्भर होगी।


उपरोक्‍त परियोजना वर्गीकरण कथित जोखिमों पर आधारित हैं। आईआईएफसीएल बीबी (अथवा आंतरिक रेटिंग का ग्रेड 5) से कम रेटिंग वाली किसी परियोजनाओं को ऋण प्रदान नहीं करेगा।

 

पुनर्निर्धारण


पुनर्निर्धारण की तिथि को ब्‍याज दर निम्‍नलिखित द्वारा शासित होगी:

·         आईआईएफसीएल की मानदंड दर (तिमाही में एक बार समीक्षा की जाएगी जब भी आवश्‍यक हो)।

·         परियोजना की संशोधित जोखिम प्रोफाइल जैसा बाहरी/आंतरिक जोखिम रेटिंग के स्‍थानांतरण द्वारा स्‍पष्‍ट किया गया है।